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सुपरटेक की तरह दिल्ली में MCD और पुलिस की साठगाँठ से हज़ारो बिल्डिंग अवैध, लक्ष्मीनगर जैसे हो चुके कांड

सुपरटेक की तरह दिल्ली में MCD और पुलिस की साठगाँठ से हज़ारो बिल्डिंग अवैध, लक्ष्मीनगर जैसे हो चुके कांड

शास्त्री नगर में अवैध बिल्डिंगों की फाइल निगम आयुक्त दबा कर बैठे…
– शास्त्री नगर में भी खड़ी है अवैध इमारते, एल ब्लॉक में 25 गज में 5 मंजिल अवैध इमारत
योगेश भारद्वाज
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा में सुपरटेक एमेराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट के 40 मंजिला दो टावरों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है।अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नोएडा में सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट के 915 फ्लैट और दुकानों वाले 40 मंजिला वाले दो टावरों का निर्माण नियमों के उल्लंघन में किया गया था। ये निर्माण नोएडा प्राधिकरण के साथ सांठगांठ कर किया गया है। जबकि ठीक इसी तरह से दिल्ली में भी MCD और पुलिस की साठगांठ से हज़ारो लाखों अवैध बिल्डिंग खड़ी हो गयी है। जिसकी किसी को परवाह नहीं MCD और दिल्ली पुलिस के पास इसकी लाखो शिकायते मिलती है। लेकिन MCD और DELHI POLICE की मिली भगत के चलते के इन अवैध बिल्डिंगों पर कोई भी कार्यवाही नहीं हो पाती। नतीज़ा एक दिन लक्ष्मीनगर जैसा कांड हो जाता है बहुमंज़िला बिल्डिंग गिर जाती है और निर्दोष मर जाते है। बरहाल अब सुपरटेक को अपनी लागत पर तीन महीने के भीतर दोनों दावरों को ध्वस्त करना होगा. साथ ही दोनों टॉवर के सभी फ्लैट मालिकों को 12 फीसदी ब्याज के साथ पैसा लौटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सुपरटेक की एमराल्ड कोर्ट परियोजना के घर खरीदारों को स्वीकृत योजना मुहैया कराने में विफल रहने पर नोएडा प्राधिकरण को फटकार लगाते हुए कहा था, ‘आप (प्राधिकरण) चारों तरफ से भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं.’ पीठ ने कहा था कि जब घर खरीदारों ने योजना सौंपने के लिए कहा तो प्राधिकरण ने डेवलपर से पूछा क्या इसे शेयर करना चाहिए।

शास्त्री नगर में अवैध बिल्डिंगों की फाइल निगम आयुक्त दबा कर बैठे…
अब हम आपको बताते है। मध्य दिल्ली के सदर पहाड़गंज जोन और एस पी जोन के निगम अधिकारियों की करतूतो के बारे में। ये अधिकारी ज़े ई के साथ मिलीभगत करके अवैध निर्माणों की हज़ारो फाइल दबा कर बैठे हैं। जिससे दिल्ली के निर्दोष नागरिकों का जीवन संकट में है। ना जाने को सी बिल्डिंग अवैध हो और ना जाने कब किस बिल्डिंग में मज़बूत और मानकों के हिसाब से ना बनी हो और वो कब गिर जाए इस बात की जानकारी बिल्डिंग में रहने वालों को नहीं होती। जबकि ऐसी कई बिल्डिंग निगम में बुक होती है। लेकिन इस पर कोई भी कार्यवाही नहीं की जाती।

शास्त्री नगर में पार्किंग बने ऑफिस...
सदर पहाड़गंज जोन के शास्त्री नगर में कई पार्किंग में कमर्शल ऑफिस बने हुए हैं। जिसमे एल ब्लॉक के मकान संख्या एल 233 में तो बाकायदा पार्किंग में ऑफिस चल रहा है,और बिल्डिंग 5 मंजिल भी बनी है। और 8 फ़ीट की एम सी डी की सड़क को चबूतरे से घेरा हुआ है। जबकि इसकी शिकायत एक साल से उत्तरी नगर निगम के आयुक्त दबा कर बैठे हैं। और यहाँ का जे ई आँखे मुंदे बैठा है। और तो और यह बिल्डिंग 4 फ़ीट जगह अवैध रुप से घेरे हुए हैं।

भाजपा पार्षद के कार्यकाल में बनी थी यह अवैध बिल्डिंग…
हैरानी की बात तो यह है। कि यह एल ब्लॉक की बिल्डिंग तत्कालीन भाजपा पार्षद के कार्यकाल में बनी थी। जो भाजपा आज निगम में भ्र्स्टचार दूर करने की बात करती है। और बिल्डिंग को बनाने वाला भी आजकल भाजपा के मंडल में एक पदाधिकारी है।

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