– पैसे के साथ अपराधों ने भी पैर पसारे, क्या है सच्चाई
मुम्बई : कहा जाता है कि मुंबई पैसे वालो की लेकिन अब पैसा कही और भी बज रहा है। आज हम बात कर रहे मुम्बई के पास मुम्ब्रा की की जहाँ कहा जाता था। कि यह गरीबों का शहर है। लेकिन ऐसा नही है हमारे एक संवादसूत्र ने वहाँ कुछ दिन गुजारे और पाया कि मुंब्रा में अब काफी तादाद में बिजनेस और व्यपारियो का डेरा वहाँ जम चुका है। खूबसूरत पहाड़ो से घिरे इस क्षेत्र में अब बड़े बड़े बिजनेसमैन की नज़र पड़ गयी है। लिहाजा धंधा चोखा चल रहा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या प्रशासन सहित आयकर विभाग के पास इन सबका डेटा है? क्योंकि एक रिपोर्ट के मुताबिक देश मे सिर्फ 2 प्रतिशत लोग ही आयकर चुका रहे है। वही पर्यटन मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक 2022 में 2.16 करोड़ लोगों ने विदेश यात्रा की 1 साल में ही 24 लाख लोगों ने 10 लाख से ज्यादा कीमत की कार खरीदी 25 लाख लोगों ने 50 लाख से ज्यादा कीमत के फ्लैट खरीदे बगैर ईएमआई के लेकिन आयकर का ग्राफ नही बढ़ा? जबकि अकेले मुंब्रा की जमीनी हकीकत उसी आँकड़े को बयां करती है। कि गरीबी की परिभाषा में समेटे गए इस क्षेत्र में क्या बिजनेसमैन भी गरीब है? क्या GST कलेक्शन ठीक है? इसकी निष्पक्ष जाँच की सख्त जरूरत है। कि आखिर मुंब्रा की इस समय जमीनी हकीकत क्या है।