दिल्ली में आंगनबाड़ी हड़ताल पर सरकार का ”एस्मा” का चाबुक,कोर्ट गयी यूनियन
– जब सरकारी कर्मचारी नही तो एस्मा कैसे लगाया
टाइगर कमांड
दिल्ली : राजधानी में पिछले एक महीने से अपनी मांगों पर जारी आँगनबाड़ी यूनियन की हड़ताल से घबराकर केजरीवाल सरकार ने एस्मा लगा दिया है। जबकि एस्मा सिर्फ सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल पर ही लगाया जाता है। जबकि आँगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकारी कर्मचारियों की श्रेणी में आते ही नही है। तो फिर यह एस्मा लगाना प्रश्न चिन्ह पैदा करता है। बरहाल अब आँगनबाड़ी यूनियन इस एस्मा के खिलाफ कोर्ट चली गयी है। अब कोर्ट के आदेश से ही तय होगा कि सरकार का यह एस्मा लागू होगा कि नही। इधर यूनियन ने कहा है कि इस हड़ताल से भाजपा की केन्द्र सरकार भी भयाक्रान्त थी और आम आदमी पार्टी की केजरीवाल सरकार की तो ऐसी छीछालेदर जनता के बीच कभी हुई ही नहीं थी। अपनी लाख कोशिशों के बावजूद केन्द्र की भाजपा सरकार और दिल्ली की केजरीवाल की आप सरकार इस हड़ताल को तोड़ने में नाकामयाब रहे। अन्तत:, उन्होंने अपने इस डर में ही आपसी सहमति बनाकर उपराज्यपाल के ज़रिये दिल्ली की आँगनवाड़ीकर्मियों की इस अद्वितीय और ऐतिहासिक हड़ताल पर एसेंशियल सर्विसेज़ मेण्टेनेंस एक्ट के ज़रिये छह महीने की रोक लगा दी है।
गौरतलब है कि यह कानून केवल सरकारी कर्मचारियों पर ही लगाया जा सकता है। लेकिन सरकार तो आँगनवाड़ीकर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देती ही नहीं है! वह तो उन्हें स्वैच्छिक कार्यकर्ता मानती है, जो मानदेय पर काम करते हैं! फिर दिल्ली के उपराज्यपाल महोदय इस पर एस्मा किस प्रकार लगा सकते हैं?